Tuesday, May 14, 2019

लोक सभा चुनाव 2019: लोकतंत्र का पर्व छठे चरण में

लोक सभा चुनाव के छठे चरण में दिल्ली समेत छह राज्यों की 59 सीटों पर मतदान हो रहा है.
इस चरण में उत्तर प्रदेश की 14, हरियाणा की 10, मध्य प्रदेश और बिहार की आठ-आठ, दिल्ली की सात और झारखंड की 4 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं.
यहां के लोग सुबह से ही घरों से निकलकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने पहुंच रहे हैं.
लोकतंत्र के इस त्योहार को तस्वीरों के ज़रिए कैमरे में कैद किया गया. देखिए कुछ झलकियां.
फ़ेसबुक ने स्वीकार किया है कि उसकी इंस्टैंट मेसेजिंग ऐप व्हाट्सएप में एक सुरक्षा चूक की वजह से लोगों के मोबाइल फ़ोन में जासूसी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो गया है.
ब्रिटेन के अख़बार फ़ाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ ये सॉफ्टवेयर एक इसराइली कंपनी ने विकसित किया है.
इस जासूसी सॉफ्टवेयर को व्हाट्सऐप कॉल के ज़रिए लोगों के फ़ोन में इंस्टॉल किया गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक़, यदि कोई यूज़र कॉल का जबाव नहीं देता है तब भी उसके फ़ोन में ये सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया जा सकता है.
कनाडा के शोधकर्ताओं के मुताबिक़, इस जासूसी सॉफ्टवेयर से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं को निशाना बनाया गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक़, फ़ेसबुक के इंजीनियर इस सुरक्षा चूक को ठीक करने में रविवार तक जुटे थे.
फ़ेसबुक ने ग्राहकों से कहा है कि वो नए वर्ज़न को अपडेट कर लें. नए वर्ज़न को गूगल प्ले-स्टोर पर जाकर अपडेट किया जा सकता है.
अभी ये पता नहीं है कि कितने लोगों को इस साइबर हमले का निशाना बनाया गया है. हालांकि माना जा रहा है कि इस हमले में बेहद चुनिंदा लोगों को ही निशाना बनाया गया है.
दुनियाभर में डेढ़ सौ करोड़ से अधिक लोग व्हाट्सएप इस्तेमाल करते हैं.
आपके व्हाट्सऐप में सेंध लगाने वाला जासूसी सॉफ्टवेयर इसराइली कंपनी एनएसओ ग्रुप ने तैयार किया है. इस कंपनी को 'साइबर आर्म्स डीलर' के तौर पर जाना जाता है.
झारखंड की कुल आबादी का 14.53 फीसदी होने के बावजूद यहां के मुसलमान सियासी हाशिये पर हैं. संसद में यहां से उनका प्रतिनिधित्व नहीं है. साल 2014 के संसदीय चुनावों में राज्य से से एक भी मुस्लिम सांसद नहीं चुने जा सके. अभी हो रहे लोकसभा चुनावों में भी किसी भी प्रमुख पार्टी या गठबंधन ने उन्हें टिकट नही दिया है. जाहिर है कि इस बार भी यहां से कोई मुसलमान एमपी नही होगा. ऐसा पिछले कई चुनावों से होता आ रहा है.
फुरकान अंसारी वैसे इकलौते मुस्लिम राजनेता हैं, जिन्हें झारखंड से सांसद बनने का मौका मिला. उनके बाद किसी भी मुसलमान को न तो लोकसभा जाने का मौका मिला और न राज्यसभा.
झारखंड राज्य गठन (15 नवंबर, 2000) के बाद साल 2004 में फुरकान अंसारी ने कांग्रेस के टिकट पर गोड्डा से लोकसभा का चुनाव जीता था. बाद के चुनावों में वे दोबारा नहीं जीत सके. इस बार भी वे टिकट के इच्छुक थे लेकिन गोड्डा सीट महागठबंधन में शामिल झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के खाते में चली गयी. वे चुनाव नहीं लड़ सके. शुरुआती विरोध के बाद अब उन्होंने चुप्पी साध ली है.

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